डेस्क। कोरोना वायरस से अब तक 83 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 14 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। भारत में भी इस वायरस से 52 सौ लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस बीच रूस से कोरोना वायरस के वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आ रही है। रूस के एक अनुसंधान केंद्र के प्रमुख ने मंगलवार को एक वीडियो लिंक के जरिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया कि उनकी प्रयोगशाला जून में मानव पर कोरोना वायरस वैक्सीन का परीक्षण के लिए तैयार है।
स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी वेक्टर के प्रमुख रिनत मक्स्यूतोव ने कहा कि 29 जून को प्रयोशाला में 180 वालंटियरों को तीन चरणों में वैक्सीन दिया जाएगा। इसके लिए 180 वालंटियरों को पहले से तैयार कर लिया गया है। इसके आगे मक्स्यूतोव ने पुतिन को कहा कि हमारे पास अब तक 300 से अधिक आवदेन आ चुके हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने साइबेरियाई शहर नोवोसिबिर्स्क के कोल्टसोवो में स्थित शीर्ष-गुप्त प्रयोगशाला परिसर में कई प्रोटोटाइप वैक्सीन विकसित की है।
मक्स्यूतोव ने आगे जोड़ते हुए कहा कि फ़िलहाल प्रोटोटाइप वैक्सीन का परीक्षण चूहों, खरगोश और अन्य जीव जंतुओं पर किया जा रहा है और 30 अप्रैल तक आशाजनक परिणाम मिलने की पूरी संभावना है। वेक्टर केंद्र ने प्रोटोटाइप वैक्सीन का मानव पर परीक्षण करने से पहले प्री-क्लीनिकल रिसर्च की योजना बनाई है। इसके बाद ही इसका मानवों पर परीक्षण किया जाएगा। हालांकि, अगर स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति मिल जाए तो मानवों पर प्रोटोटाइप वैक्सीन का परीक्षण मई में ही शुरू हो सकता है।
आपको बता दें कि वेक्टर वैक्सीन प्लेटफॉर्म तकनीकें हैं जो पहले ही मानव पर अन्य वैक्सीन की परीक्षण कर चुकी है और कोरोना वायरस के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। वेक्टर प्रयोगशाला ने सोवियत काल में गुप्त जैविक हथियार अनुसंधान के साथ साथ इबोला और चेचक वायरस के वैक्सीन का भी भंडारण किया था।